सेंट्रल डेस्क दीपक खाम्बरा- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को पुलवामा आतंकी हमले के समय पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चुनाव दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं तो ऐसे में आप युद्ध के हालात पैदा करना चाह रहे हैं? सरकार के पास संभावित हमले की खुफिया जानकारी थी पर इसके बावजूद CRPF जवानों के बड़े काफिले को जाने की अनुमति क्यों दे दी गई। इतने अधिक लोग मारे गए फिर भी सरकार द्वारा कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि इस घटना के बाद वह मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से परहेज कर रही थीं लेकिन अब उन्हें ऐसा करने पर मजबूर होना पड़ा है क्योंकि कुछ लोग यह सिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि देशभक्ति क्या होती है।
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उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि आतंकी हमले की आड़ में BJP और RSS सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे रहे हैं, इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। अमित शाह और नरेंद्र मोदी राजनीतिक बयान दे रहे हैं, इतनी बड़ी दुखद घटना के बाद भी आप जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं दे रहे और राजनीतिक बयानबाजी कर रहे है।
साथ ही ममता ने कहा मुझे नहीं पता संसद समाप्त होने के बाद ही ऐसा क्यों हुआ, मुझे शंका है बीते पांच सालों में पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया यह RSS, VHP और BJP का प्लांटेड खेल है। हम हालात का राजनीतिक लाभ हासिल करने की प्रयासों को रोकने की कोशिश करेंगे।
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पश्चिम बंगाल के BJP प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि ऐसे समय में जब पूरा देश पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग कर रहा है, तृणमूल कांग्रेस इस पड़ोसी देश के खिलाफ सख्त कदम उठाने का विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का केंद्र बन गया है और राज्य सरकार उन्हें रोकने में विफल रही है।